Ummeed Ki Hasti Ko Koi | Dosti Shayari in Hindi December 6, 2025 by admin उम्मीद की हस्ती को कोई डुबा नहीं सकता, रौशनी का दीया कोई बुझा नहीं सकता, हमारी दोस्ती है ताजमहल की तरह, जिसे कोई दोबारा बना नहीं सकता।(Visited 47 times, 1 visits today)You Might Also Like